भारत के पड़ोसी में एक बार फिर से प्राकृतिक आपदा ने दस्तक दी है. गुरुवार की रात तकरीबन 8 बजे तिब्बत की धरती शक्तिशाली भूकंप के झटकों से कांप उठी. नेशनल सेंटर ऑफ़ सीस्मोलॉजी (NCS) से मिली जानकारी के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.0 मापी गई है. यह भूकंप रात ठीक 8:03 बजे जमीन से लगभग 173 किलोमीटर की गहराई में आया. अचानक आए इस तेज भूकंप के कारण स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई और लोग अपने घरों तथा दफ्तरों से बाहर खुले में भागने लगे.
अगस्त में आए फ्लैश फ्लड के बाद भूकंप मचा सकता है तबाही. दरअसल, बीते 58 दिन बाद यह शक्तिशाली भूकंप आया है. यह पूरा इलाका उस प्राकृतिक आपदा के जख्मों से उबरने की कोशिश कर रहा था. बीते 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने (आइस-रॉक एवांच) के कारण एक भयानक बाढ़ आ गई थी.
भारत के पड़ोसी में एक बार फिर से प्राकृतिक आपदा ने दस्तक दी है. गुरुवार की रात तकरीबन 8 बजे तिब्बत की धरती शक्तिशाली भूकंप के झटकों से कांप उठी. नेशनल सेंटर ऑफ़ सीस्मोलॉजी (NCS) से मिली जानकारी के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.0 मापी गई है. यह भूकंप रात ठीक 8:03 बजे जमीन से लगभग 173 किलोमीटर की गहराई में आया. अचानक आए इस तेज भूकंप के कारण स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई और लोग अपने घरों तथा दफ्तरों से बाहर खुले में भागने लगे.
अगस्त में आए फ्लैश फ्लड के बाद भूकंप मचा सकता है तबाही. दरअसल, बीते 58 दिन बाद यह शक्तिशाली भूकंप आया है. यह पूरा इलाका उस प्राकृतिक आपदा के जख्मों से उबरने की कोशिश कर रहा था. बीते 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने (आइस-रॉक एवांच) के कारण एक भयानक बाढ़ आ गई थी.
इस बड़े भूकंप के झटके लगने के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत एवं बचाव टीमों को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है. हालांकि अभी तक इस झटके से किसी बड़े जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में संचार और संपर्क साधनों की जांच की जा रही है. वैज्ञानिकों और भू-विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी गहराई पर आए भूकंप के कारण झटके तो दूर तक महसूस होते हैं.




