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मुक्केबाजों ने लगाया गोल्डन पंच, 46वें अंतरराष्ट्रीय टैमर मुक्केबाजी टूर्नामेंट लहराया भारत का परचम

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भारतीय मुक्केबाजों ने 46वें अंतरराष्ट्रीय टैमर मुक्केबाजी टूर्नामेंट में अपने शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है. भारतीय दल ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में कुल 14 पदक अपने नाम किए, जिसमें 4 स्वर्ण, 2 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं. इस बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारत ने पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए अपनी मुक्केबाजी क्षमता का लोहा मनवाया है.
टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबलों में देश के चार प्रतिभावान मुक्केबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए. इनमें महिला वर्ग से आरती धरियाल (54 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और पुरुष वर्ग से पवन बर्तवाल (55 किग्रा) शामिल रहे. इसके अलावा, मोहम्मद हुसामुद्दीन (पुरुष 60 किग्रा) और जैस्मिन (महिला 57 किग्रा) ने कड़े मुकाबलों के बाद रजत पदक पर कब्जा जमाया.
स्वर्ण पदक मैच में भारतीय खिलाड़ियों का रहा दबदबा

स्वर्ण पदक के लिए खेले गए खिताबी मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला. आरती धरियाल ने स्कॉटलैंड की केर्नाचन स्टीफन को 5-0 से एकतरफा अंदाज में हराकर स्वर्ण पदक जीता. वहीं, अनुभवी अरुंधति चौधरी ने आयरलैंड की मजबूत खिलाड़ी इघारो एवलिन इवी को रोमांचक मुकाबले में 3-2 से मात दी. इसके अतिरिक्त, अंकुशिता बोरो ने इंग्लैंड की थॉम्पस्टोन ईला को 4-1 से परास्त कर देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया.

यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट वर्ष 1977 से प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है और यह वैश्विक मुक्केबाजी कैलेंडर का एक बेहद अहम और कड़ा आयोजन माना जाता है. इस बार भारत ने इस प्रतियोगिता में अपनी 14 सदस्यीय युवा और अनुभवी मिश्रित टीम उतारी थी. इस भागीदारी का मुख्य उद्देश्य देश की ओलंपिक भार वर्गों की बेंच स्ट्रेंथ में दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले मुक्केबाजों को उच्च स्तर का अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्रदान करना था, ताकि वे भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें.
कास्यं पदक के लिए भी भारतीय खिलाड़ियों ने लगाई पूरी जान
भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में विवेक मीणा (पुरुष 65 किग्रा), हितेश (पुरुष 70 किग्रा), अक्षय (पुरुष 80 किग्रा), बोबिन चौहान (पुरुष 90 किग्रा), चेतन चौधरी (पुरुष 90 किग्रा से अधिक), तनु (महिला 51 किग्रा), दिशा पाटिल (महिला 60 किग्रा) और इम्रोज खान (महिला 75 किग्रा) शामिल रहे. इस संपूर्ण सफलता ने भारतीय मुक्केबाजी के उज्ज्वल भविष्य की एक मजबूत और शानदार तस्वीर पेश की है.

46वें अंतरराष्ट्रीय टैमर मुक्केबाजी टूर्नामेंट में भारत ने कुल कितने पदक जीते?
46वें अंतरराष्ट्रीय टैमर मुक्केबाजी टूर्नामेंट में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 14 पदक अपने नाम किए, जिसमें 4 स्वर्ण, 2 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय टैमर मुक्केबाजी टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी कौन हैं?
महिला वर्ग में आरती ध्यारियल (54 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) के साथ-साथ पुरुष वर्ग में पवन बर्तवाल (55 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते।

46वें अंतरराष्ट्रीय टैमर मुक्केबाजी टूर्नामेंट में किन भारतीय खिलाड़ियों ने रजत पदक जीते?
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग के मोहम्मद हुसामुद्दीन (60 किग्रा) और महिला वर्ग की जैस्मिन (57 किग्रा) ने कड़े मुकाबलों के बाद रजत पदक हासिल किए।