गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) को अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है. एजेंसी ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी बताए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्कर सलीम इस्माइल डोला को गिरफ्तार किया है. उस पर 438.64 करोड़ रुपये की मेफेड्रोन ड्रग्स बरामदगी के मामले में शामिल होने का आरोप है. यह ड्रग्स 2022 में गुजरात के वडोदरा जिले की एक फैक्ट्री से जब्त की गई थी. सलीम डोला को इसी साल अप्रैल में तुर्किये से भारत लाया गया था. अब गुजरात ATS ने उसे इस मामले में गिरफ्तार किया है.
438 करोड़ की ड्रग्स फैक्ट्री से क्या है कनेक्शन?
गुजरात ATS के मुताबिक 1 दिसंबर 2022 को वडोदरा जिले के सिंधरोत गांव के पास एक ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा गया था. यहां से 87.728 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद हुई थी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 438.64 करोड़ रुपये आंकी गई थी. इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच के दौरान सलीम डोला का नाम सामने आया. ATS के मुताबिक वह इस ड्रग्स नेटवर्क को विदेश से संचालित कर रहा था. उसकी भूमिका सिर्फ ड्रग्स की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं थी. वह नशीला पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की आपूर्ति भी करता था. ड्रग्स तैयार होने के बाद उसकी खरीद और बिक्री में भी शामिल रहता था.
जांच एजेंसी अब उससे पूछताछ कर रही है. इसमें केमिकल की आपूर्ति के स्रोत, पैसों के लेनदेन, ड्रग्स की सप्लाई के रास्तों और नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है.
ATS की जांच में सलीम डोला के अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का तरीका भी सामने आया है. आरोप है कि उसका सिंडिकेट वैध रूप से विदेश भेजे जाने वाले सामान के कंटेनरों में नशीले पदार्थ छिपाकर उनकी तस्करी करता था. जिन देशों में ड्रग्स भेजी जाती थीं, वहां फर्जी कंपनियां बनाई जाती थीं. इन कंपनियों के जरिए तस्करी के नेटवर्क को संचालित किया जाता था.
जांच एजेंसी के मुताबिक वडोदरा की फैक्ट्री में तैयार मेफेड्रोन पहले मुंबई पहुंचाई जाती थी. वहां से इसे सलीम डोला के सहयोगियों तक पहुंचाया जाता था. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए इसकी सप्लाई की जाती थी.
मुंबई से दुबई, फिर केन्या और तुर्किये पहुंचा
सलीम डोला लंबे समय से भारतीय जांच एजेंसियों के निशाने पर था. ATS के मुताबिक वह मुंबई से भागकर पहले दुबई गया. इसके बाद केन्या समेत कई देशों में रहा. भारतीय एजेंसियों ने उसके खिलाफ कार्रवाई तेज की और इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया. मार्च 2024 में भारत के अनुरोध पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. इसके आधार पर उसे तुर्किये में गिरफ्तार किया गया. अप्रैल 2026 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) उसे भारत वापस लेकर आया. अब 31 अक्टूबर को गुजरात ATS ने उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया.
इकबाल मिर्ची के लिए भी करता था काम
जांच एजेंसियों के मुताबिक सलीम डोला का ड्रग्स तस्करी की दुनिया से पुराना नाता रहा है. वह 1990 के दशक में अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्कर इकबाल मिर्ची के लिए काम करता था. बाद में उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अलग अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क खड़ा कर लिया. ATS के अनुसार उसके खिलाफ देशभर में ड्रग्स तस्करी से जुड़े करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं. साल 1998 में उसे मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर करीब 40 किलोग्राम मैंड्रेक्स के साथ गिरफ्तार किया गया था. साल 2013 में करीब 79 किलोग्राम चरस के मामले में भी उसकी गिरफ्तारी हुई थी.
साल 2018 में वह करीब 1,000 करोड़ रुपये की फेंटानिल ड्रग्स से जुड़े मामले में भी जांच के दायरे में आया था. उसके खिलाफ एनसीबी, राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और मुंबई पुलिस जैसी एजेंसियां भी अलग-अलग मामलों में कार्रवाई कर चुकी हैं.




