इसमें बाढ़ के दौरान रखी जाने वाली सावधानियां, सर्पदंश पर उपचार, विभिन्न वर्गों के लोगों के लिए उपचार सावधानियां, सीपीआर, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, बाढ़ के उपरांत मौसमी बीमारियों से रक्षा, राहत बचाव कैम्प का संचालन, पीड़ितों के सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था, सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियों से बचने हेतु सही जानकारियों के प्रेषण, लोगों को बाढ़ से सावधान करने, आपातकालीन चिकित्सा केंद्र स्थापना आदि का पूर्वाभ्यास किया गया। इसमें 05 लोगों को बाढ़ के दौरान बाढ़ के पानी से बने टापू में फंसे लोगों को बचाया गया, जिसमें गर्भवती स्त्री, सर्पदंश पीड़ित व्यक्ति, वृद्ध आदि के बचाव की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। 02 व्यक्तियों को बाढ़ के दौरान पानी में डूबने पर बचाव का भी प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर बाढ़ पीड़ितों के लिए ग्रीन कॉरिडोर निर्माण, राहत शिविर में व्यवस्था आदि का भी प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, एनएसएस के कैडेट भी शामिल हुए उन्हें आपातकालीन प्रक्रिया के प्रदर्शन के साथ आपातकालीन बचाव प्रक्रिया में प्रयुक्त उपकरणों की भी जानकारी दी गयी। इसके साथ ही स्थानीय वस्तुओं से जुगाड़ द्वारा बाढ़ से बचाव के उपकरण बनाने के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें मानक संचालन प्रक्रिया के बारे में बताया गया।
इस ड्रिल में अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू, एसडीएम नंदजी पांडेय, डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जीएस जात्रा, जिला सेनानी विपिन किशोर लकड़ा, तहसीलदार प्रमोद कुमार पटेल, सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।




