राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थी काल आपके जीवन का एक बहुत संदर पड़ाव है। जब आप कॉलेज से निकलते हैं उसके बाद ही आपका संघर्ष प्रारंभ होता है। जीवन में एक काम ऐसा करिये जो लाभ के लिए न हो बल्कि बदलाव के लिए हो। समाज आपकी ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है, उसके लिए काम करें। हमारा एक-एक प्रयास भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ाएगा।
राज्यपाल ने पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि हमेशा श्रेष्ठता की ओर बढ़ते रहें। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होती है जब वह व्यक्ति को दायित्व एवं नवाचार के लिए प्रेरित करती है। यह समारोह केवल उपाधियाँ प्रदान करने का अवसर नहीं है; यह कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प लेने और उत्कृष्टता का उत्सव है।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. संदीप मारवाह, विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमेन श्री वी. के. गोयल ने भी अपना संबोधन दिया। विश्वविद्यालय के संचालक प्रोफेसर श्रीमती शिखा वर्मा ने विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालकगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।




