आजकल जेन जी यानी Gen Z की चर्चा हर जगह होती है. भारत में भी आने वाला समय जेन जी का होगा. रेडसीयर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2030 तक जेनरेशन जेड भारत की आबादी का 27 फीसदी हिस्सा होगी और 1.3 ट्रिलियन डॉलर की खपत करेगी. इससे उपभोक्ता बाजारों में अनुभव, स्थिरता और डिजिटल सुविधा पर जोर के साथ बड़ा बदलाव आएगा.
Gen Z: Defining Trends, Influencing Spends नाम से जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 1997 से साल 2012 के बीच जन्मी यह पीढ़ी किस तरह मूल्य आधारित विकल्पों को प्राथमिकता दे रही है. रिपोर्ट के अनुसार, साल 2030 तक जेनरेशन जेड आबादी में बड़ा हिस्सा लेगी और 1.3 ट्रिलियन डॉलर की खपत करेगी. यह पीढ़ी लेबल्स को नकारती है और समावेशिता, आत्म-अभिव्यक्ति और प्रामाणिकता को महत्व देती है. आत्म-खोज के इस दौर में वे सुंदरता और नए अनुभवों को प्राथमिकता देते हैं, जो उनके उपभोक्ता व्यवहार में भी दिखता है.




