० नवरात्रि से पहले डोंगरगढ़ के सभी प्रमुख व पदयात्री मार्गों को युद्धस्तर पर दुरुस्त करने की मांग
० पूर्व मंत्री ने जताई चिंता—गड्ढों के कारण हादसे का शिकार हो रहे ग्रामीण, किसान व स्कूली छात्र
राजनांदगांव (दावा)। जिलेभर में सडक़ों की खस्ताहाल स्थिति को लेकर पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेश पटिला ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से तत्काल व्यापक मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिले के प्रमुख मार्गों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक की सडक़ें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे आम जनता को आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है और जानलेवा दुर्घटनाओं का खतरा मंडरा रहा है।
बुनियादी ढांचे पर सरकार की उदासीनता चिंताजनक
श्री पटिला ने कहा कि जिले के मुख्य मार्गों के अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत बनीं कई ग्रामीण सडक़ें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। जर्जर मार्गों के कारण किसानों, मजदूरों, बीमार मरीजों, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों का दैनिक आवागमन दूभर हो गया है। उन्होंने कहा कि सुगम सडक़ नागरिकों की बुनियादी जरूरत है, किंतु विकास के लंबे-चौड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत पर सरकार की आंखें मूंद लेना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन तुरंत जिले की सभी क्षतिग्रस्त सडक़ों का तकनीकी सर्वे कराए और प्राथमिकता के आधार पर डामरीकरण व मरम्मत कार्य शुरू करे।
पूर्व ऊर्जा मंत्री ने विशेष रूप से डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में आयोजित होने वाले आगामी शारदीय नवरात्रि पर्व को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान देश और प्रदेश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या पदयात्रियों की होती है, साथ ही हजारों चारपहिया व दोपहिया वाहन भी इन मार्गों से गुजरते हैं। ऐसे में प्रमुख पहुंच मार्गों और पदयात्री मार्गों पर बने गहरे गड्ढे किसी भी समय गंभीर हादसे का सबब बन सकते हैं।
हादसे का इंतजार न करे सरकार, युद्धस्तर पर कराएं काम
धनेश पटिला ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मामले में तंत्र किसी अनहोनी या हादसे का इंतजार न करे। नवरात्रि मेला प्रारंभ होने से पूर्व डोंगरगढ़ की ओर आने वाले सभी प्रमुख संपर्क मार्गों, बायपास और पदयात्री मार्गों का प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और युद्धस्तर पर पैचवर्क व मरम्मत का काम पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि समय रहते कदम उठाना ही बुद्धिमानी है। किसी अनहोनी के बाद जांच और कार्रवाई का कोई औचित्य नहीं रह जाता।



