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अब पूरी दुनिया से बैन होगा पाक का लाडला TRF, भारत कैसे ले रहा पहलगाम का बदला, UNSC रिपोर्ट का क्या मतलब

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पहलगाम अटैक पर पाकिस्तान अब पूरी दुनिया से बेनकाब हो गया है. उसकी एक और इंटरनेशनल बेइज्जती बाकी है. अमेरिका ने टीआरएफ को बैन करके पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाई है. अब यूएनएससी यानी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से भी टीआरएफ बैन होने वाला है. जी हां, भारत अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की ओर से टीआरएफ यानी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) पर प्रतिबंध लगाने के एक कदम और करीब है. UNSC की मॉनिटरिंग कमेटी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में TRF का आधिकारिक रूप से जिक्र किया है. यह प्रतिबंध समिति की ओर से मामले को उठाने से पहले एक अहम कदम है.
दरअसल, UNSC की 1267 प्रतिबंध कमेटी की मॉनिटरिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि TRF ने पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी दो बार ली थी. इस तरह टीआरएफ ने पहलगाम आतंकी हमले में अपनी भूमिका मानी. रिपोर्ट के मुताबिक, टीआरएफ ने पहलगाम आतंकी हमले की साइट की एक तस्वीर प्रकाशित की थी. कमेटी ने यह भी दावा किया कि पहलगाम हमला पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के समर्थन के बिना नहीं हो सकता था.
अब पाक करेगा बाप-बाप
इस तरह भारत UNSC में TRF को आतंकी संगठन घोषित कराने के एक कदम और नजदीक पहुंच चुका है. मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद अब UNSC में TRF को आतंकी संगठन घोषित कराना आसान हो गया है. अगर ऐसा होता है तो यह पाकिस्तान के लिए एक और शर्म से डूब मरने वाली बात होगी.
1267 की मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट में क्या है?
*22 अप्रैल को पांच आतंकवादियों ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में एक पर्यटक स्थल पर हमला किया. इस हमले में 26 नागरिक मारे गए. उसी दिन इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली. साथ ही हमले के स्थल की एक तस्वीर भी प्रकाशित की. अगले दिन भी इसने हमले की जिम्मेदारी को दोहराया. हालांकि, 26 अप्रैल को TRF ने हमले से अपने जिम्मेदारी वापस ले ली. इसके बाद TRF की ओर से कोई और संवाद नहीं हुआ, और किसी अन्य समूह ने भी जिम्मेदारी नहीं ली. क्षेत्रीय संबंध पहले से ही नाजुक हैं और आशंका है कि आतंकवादी समूह इन तनावों का फायदा उठा सकते हैं.’
रिपोर्ट के मुताबिक, एक सदस्य देश ने कहा कि यह हमला लश्कर-ए-तैयबा (LeT, QDe.118) के समर्थन के बिना संभव नहीं था और TRF और LeT के बीच संबंध हैं. एक अन्य सदस्य देश ने कहा कि यह हमला TRF द्वारा किया गया, जो LeT के पर्याय के रूप में कार्य करता है. जबकि एक अन्य सदस्य देश ने इन विचारों को खारिज कर दिया और कहा कि LeT अब निष्क्रिय हो चुका है.
मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट में TRF के उल्लेख का क्या महत्व?
दरअसल, 1267 प्रतिबंध समिति का यह निर्णय सर्वसम्मति से है. टीआरएफ का संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 प्रतिबंध समिति की निगरानी टीम (MT) की रिपोर्ट में शामिल होना, इसलिए विशेष रूप से अहम है क्योंकि इस समिति के सभी निर्णय (जिनमें निगरानी रिपोर्टें भी शामिल हैं) सुरक्षा परिषद के सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से लिए जाते हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने पहले पाकिस्तान की राष्ट्रीय असेंबली में यह दावा किया था कि उन्होंने UNSC के प्रेस बयान से TRF का जिक्र हटवाया था, लेकिन TRF का MT रिपोर्ट में उल्लेख यह दिखाता है कि विश्व समुदाय पाकिस्तान की झूठी और भ्रामक कहानी को स्वीकार नहीं करता.

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