शिक्षा विभाग में पोस्टिंग घोटाले में लगातार बड़ा खुलासा हो रहा है। अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ हैं। करोड़ों का गेम। भ्रष्टाचार उजागर होने की बारी है अब मुंगेली की..
पूरे प्रदेश में शिक्षक पदोन्नति संशोधन के नाम पर जो बंदरबांट हुई है। उसे देखकर अधिकारी और शिक्षामंत्री रविन्द्र चौबे स्वयं दंग है, IAS अधिकारियों को खुद यह बात समझ नही आ रही है कि छोटे-छोटे विषयों को लेकर मंत्रालय का चक्कर लगाने वाले और जबरदस्त हड़ताल करने वाले शिक्षक संगठनों ने इतना बड़ा खेल होने कैसे दिया तो जांच में यह बात निकलकर सामने आ रही है की इस पूरे मामले में भ्रष्ट अधिकारी व शिक्षक संगठनों की भी भूमिका संदिग्ध है।
मुंगेली में हुए भ्रष्टाचार में आखिर किसका है हाथ ? अधिकारी या फिर शिक्षक संगठन?
शिक्षक पदोन्नति संशोधन में मुंगेली शिक्षा विभाग का खुल गया पोल..
मामला मुंगेली जिले के पथरिया विकास खंड के ग्राम पंचायत सांवा का है। जहाँ नागरिकों से मौखिक रूप में जानकारी प्राप्त हुआ कि गांव में मिडिल स्कूल है जिसमें गांव के बच्चे और आसपास के बच्चे पढ़ाई करते हैं हमारे यहां टीचर की कमी है और एक टीचर अभी पिछले महीने जून जुलाई में पढ़ाने आया था। जिसका नाम जीवन लाल साहू था। वह 5 या 6 जुलाई को स्कूल समिति की बैठक ले कर समिति का भी गठन किया और अचानक स्कूल आना बंद कर दिया।




