छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सरगुजा (Surguja) जिले में एनएच 130 पर शुरू हुआ सड़क निर्माण (Road Construction)का काम 6 वर्षों में भी पूरा नहीं हो पाया है. जबकि इस सड़क का निर्माण तीन साल में पूरा हो जाना चाहिए था. अधिकारियों और ठेकेदार की इस लेटलतीफी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. सड़क निर्माण नहीं होने के कारण दावा और कुंवरपुर बांध के नजदीक की सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है और हर समय जाम की स्थिति बन जाती है. इसके साथ ही आधे-अधूरे सड़क और संकेतक नहीं होने के कारण लोग दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं.
अम्बिकापुर से शिवनगर के बीच 242 करोड़ की लागत से 52 किलोमीटर सीसी सड़क निर्माण का 2017 में शुरू किया गया था और वर्ष 2020 तक कार्य पूरा हो जाना चाहिए था. शुरुआती दौर में काम की गति धीमी थी और फिर कोरोना काल में काम प्रभावित हुआ, लेकिन उसके बाद स्थिति सामान्य होने के बाद भी काम ने रफ्तार नहीं पकड़ी और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. कच्ची सड़क पर बारिश होते ही कीचड़ और दलदल जैसी स्थिति पैदा हो जाती है.सड़क के निर्माण को लेकर अधिकारी और प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा है. आवागमन के लिए बनाए गए डायवर्सन के बीच से पानी बहता है, जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
नहीं किए गए सुरक्षा के उपाय
एनएच द्वारा सड़क का निर्माण करा लिया गया है लेकिन सड़क के अलावा साइड सोल्डर और नाली का काम अब भी अधूरा है. डांड़गांव और गुमगा सहित अन्य स्थानों पर नाली बना दी गई लेकिन ढक्कन लगाने का कार्य अधूरा है. ऐसे में आए दिन मवेशी खुली नालियों में गिर रहे हैं. एनएच की सड़क पर निर्माण के नाम पर सीसी सड़क बना दी गई है लेकिन सुरक्षा मानकों का ख्याल नहीं रखा गया है. एनएच पर संकीर्ण पुलिया, खतरनाक मोड़ जैसे संकेतक नहीं लगाए गए है और ना ही सड़क पर रेडियम लगाया गया है. जिससे रात में आवागमन करने वालों को सुविधा हो सके. उधर, उप अभियंता गौतम नरबरिया ने कहा कि सड़क सुधार और काम जल्द पूरे करने के निर्देश ठेकेदार को दिए गए हैं.




